रिश्तों की अनूठी मिसाल: उज्जैन में ससुर ने पिता बनकर किया बहू का कन्यादान, समाज को दी नई राह,
उज्जैन : मध्य प्रदेश के उज्जैन से सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ती और मानवीय संवेदनाओं को झकझोरती एक बेहद भावुक करने वाली कहानी सामने आई है। यहाँ के जैथल गांव के कारोबारी दिनेश बैरागी ने अपनी बहू प्रियंका का पुनर्विवाह कराकर न सिर्फ उसका घर बसाया, बल्कि समाज के सामने रिश्तों की एक अनूठी मिसाल पेश की है। ससुर दिनेश बैरागी ने 8 जुलाई 2026 को खुद पिता की भूमिका निभाते हुए अपनी बहू को बेटी मानकर उसका कन्यादान किया।कैंसर ने छीना था सुहागदिनेश बैरागी के इकलौते बेटे कपिल बैरागी का विवाह वर्ष 2018 में प्रियंका के साथ हुआ था। शादी के दो साल बाद ही, यानी वर्ष 2020 में कपिल को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने का पता चला। लगभग तीन साल तक चले लंबे इलाज के बाद आखिरकार वर्ष 2023 में कपिल का निधन हो गया।
परिजनों के अनुसार, अपने अंतिम क्षणों में कपिल ने प्रियंका से अपने माता-पिता का हमेशा ख्याल रखने का भावुक वादा लिया था।सास-ससुर ने बदला बहू का फैसलापति की मृत्यु के बाद प्रियंका ने दोबारा शादी करने से साफ इनकार कर दिया और पूरी निष्ठा के साथ अपने सास-ससुर की सेवा में जुट गईं। वह अपने वादे को निभाते हुए अपनी पूरी जिंदगी उनके नाम करने को तैयार थीं। जब सास-ससुर ने देखा कि उनकी बहू अपनी खुशियों को भुलाकर उनकी खातिर अपनी जिंदगी एक जगह रोककर बैठ गई है, तो उनसे यह देखा नहीं गया।
उन्होंने प्रियंका को समझाया कि जीवन को नए सिरे से शुरू करना बेहद जरूरी है।बहू नहीं, बेटी बनाकर किया विदाशुरुआत में प्रियंका राजी नहीं थीं, लेकिन ससुर के बार-बार समझाने और उनके पिता समान स्नेह के आगे वह मान गईं। आखिरकार, दिनेश बैरागी ने अपनी बहू के पुनर्विवाह का पूरा फैसला लिया। शादी का पूरा खर्च उठाते हुए उन्होंने पूरे रीति-रिवाज के साथ प्रियंका का कन्यादान किया और विदाई दी।उज्जैन की यह घटना संदेश देती है कि रूढ़िवादिता से ऊपर उठकर लिया गया यह फैसला समाज को नई दिशा दिखाएगा। इस परिवार ने साबित कर दिया कि प्रेम, विश्वास और रिश्तों का सम्मान ही आज के समय में दुनिया की सबसे बड़ी दौलत है।
