भूमाफियाओं के चंगुल में हरिद्वार का ‘अमेरिकन आश्रम’, पीएमओ की रिपोर्ट पर जन संघर्ष मोर्चा ने उठाए सवाल,
हरिद्वार (प्रदेश की गाथा) धर्मनगरी हरिद्वार के भूपतवाला स्थित अमेरिकन आश्रम की बेशकीमती जमीन को खुर्द-बुर्द करने का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। भूमाफियाओं द्वारा आश्रम की लगभग 3 बीघा जमीन को अवैध रूप से बेचने और उस पर अवैध दुकानें तानने का मामला पिछले कई दिनों से गरमाया हुआ है।
स्थानीय पार्षदों के विरोध और धरना-प्रदर्शनों के बाद, जन संघर्ष मोर्चा ने इस लावारिस पड़ी सरकारी/ट्रस्ट की भूमि को बचाने और यहां बदहाल भूपतवाला डिग्री कॉलेज को स्थानांतरित करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र भेजा था।पीएमओ की दखल के बाद हरिद्वार तहसील प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट तो सौंप दी, लेकिन इस रिपोर्ट ने भूमाफियाओं को बेनकाब करने के बजाय पूरे मामले पर पर्दा डालने का काम किया है। तहसीलदार की इसी लचर रिपोर्ट के आधार पर पीएमओ ने मोर्चा को सूचित किया है कि ‘मौजूदा परिस्थितियों में इस भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता।
‘भूमाफियाओं की गहरी जड़ें और ‘सरकारी’ मेहरबानी: तहसील प्रशासन की इस संदेहास्पद रिपोर्ट पर जन संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गुलशन खत्री ने तीखी आपत्ति जताई है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि भूमाफियाओं की जड़ें शासन-प्रशासन में इतनी गहरी हैं कि रिपोर्ट में ट्रस्ट के असली सदस्यों की संख्या और उनके नामों तक का जिक्र गायब है। खसरा संख्या से धड़ल्ले से बेची गई जमीन और उस पर बनी अवैध दुकानों का कोई ब्यौरा रिपोर्ट में शामिल न करना प्रशासनिक मिलीभगत की ओर साफ इशारा करता है। बेहद चतुराई से अवैध निर्माण की जिम्मेदारी रुड़की हरिद्वार विकास प्राधिकरण (HRDA) के पाले में डाल दी गई, ताकि तहसील अपनी जवाबदेही से बच सके।
मोर्चा का ऐलान: रुकने वाली नहीं है आर-पार की लड़ाई : जन संघर्ष मोर्चा गुलशन खत्री ने स्पष्ट किया है कि मोर्चा इस लीपापोती को बर्दाश्त नहीं करेगा। संगठन अपने कानूनी सलाहकारों के साथ बैठक कर और स्थानीय स्तर पर पुख्ता साक्ष्य जुटाकर पुनः पीएमओ को पत्र लिखेगा। मोर्चा ने हरिद्वार को बचाने में जुटे तमाम समाजसेवियों और स्थानीय जनता से अपील की है कि वे इस भू-घोटाले से जुड़े सबूत उन्हें उपलब्ध कराएं, ताकि इस ऐतिहासिक आश्रम को भूमाफियाओं के जबड़े से निकालकर जनहित में सरकार द्वारा अधिग्रहित कराया जा सके।
