गंगा में प्रतिमा विसर्जन रोकने के लिए संदीप गुप्ता ने जिलाधिकारी को सौंपा पत्र, प्रमुख घाटों पर होर्डिंग, व्यापक जन-जागरूकता और पुलिस की विशेष निगरानी की मांग,
हरिद्वार : मां गंगा की स्वच्छता, निर्मलता एवं पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से जिला उपाध्यक्ष, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल हरिद्वार, समाजसेवी संदीप गुप्ता ने जिलाधिकारी हरिद्वार से मुलाकात कर आगामी गणेश उत्सव एवं अन्य धार्मिक पर्वों के दौरान गंगा में प्रतिमा एवं पूजन सामग्री के विसर्जन पर प्रभावी रोक तथा जन-जागरूकता के संबंध में प्रार्थना पत्र सौंपा।
संदीप गुप्ता ने कहा कि हरिद्वार करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और मां गंगा हमारी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं पर्यावरणीय धरोहर हैं। उन्होंने अपने पत्र में संविधान के अनुच्छेद 48A एवं 51A(g), जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986, NGT एवं माननीय उच्चतम न्यायालय के पर्यावरण संरक्षण संबंधी निर्देशों तथा केंद्रीय एवं उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए इनके प्रभावी अनुपालन की मांग की।
उन्होंने मांग की कि गणेश उत्सव से पूर्व अखबारों, समाचार चैनलों, एफएम रेडियो, सोशल मीडिया, एलईडी स्क्रीन, सीसीआर टॉवर एवं सार्वजनिक उद्घोषणा के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जाए कि मां गंगा में किसी भी प्रकार की प्रतिमा अथवा पूजन सामग्री का विसर्जन न किया जाए।
साथ ही हर की पैड़ी, विष्णुघाट, रामघाट, सुभाषघाट, भीमगोडा, ललतारो पुल सहित प्रमुख घाटों एवं प्रवेश मार्गों पर बड़े होर्डिंग एवं सूचना बोर्ड लगाए जाएं। संदीप गुप्ता ने नगर निगम, पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंचाई विभाग, गंगा सभा एवं अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त निगरानी व्यवस्था बनाने तथा नियमों का उल्लंघन होने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए पर्यावरण-अनुकूल वैकल्पिक विसर्जन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए और उसकी जानकारी पहले से दी जाए, ताकि आस्था भी बनी रहे और मां गंगा भी प्रदूषण से सुरक्षित रहें।
संदीप गुप्ता ने कहा, “मेरा उद्देश्य किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संतुलन कायम करना है। भगवान गणेश बुद्धि और विवेक के देवता हैं, इसलिए उनकी आराधना के साथ मां गंगा की निर्मलता की रक्षा करना भी हमारा कर्तव्य है।”
उन्होंने जिलाधिकारी से अपेक्षा की कि इस विषय को गंभीर जनहित का विषय मानते हुए समय रहते संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।
“आस्था भी रहे, उत्सव भी हो, लेकिन मां गंगा प्रदूषित न हो।”
— संदीप गुप्ता
