विकास की वेदी पर पर्यावरण की बलि: हल्द्वानी में 41 हजार पेड़ कटने से मची तबाही,
हल्द्वानी : उत्तराखंड के हल्द्वानी वन प्रभाग के बेलवाला क्षेत्र में व्यवसायिक उद्देश्यों और सरकारी योजनाओं के तहत 41000 हजार हरे भरे पेडों की अंधाधुंध कटाई से एक बेहद दर्दनाक नतीजा सामने आया है। वन निगम द्वारा करोड़ों रुपये के राजस्व के लालच में बेचे गए इन 50 साल पुराने सागौन और खैर के पेड़ों के कटने से पहाड़ों का प्राकृतिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका है।
पेड़ों की जड़ें जो मिट्टी को मजबूती से जकड़े रखती थीं, उनके गायब होते ही क्षेत्र की मिट्टी पूरी तरह ढह गई है। इस मानवनिर्मित आपदा का भयावह रूप वर्तमान मानसूनी बरसात में देखने को मिला, जब सुरक्षा कवच छिन जाने के कारण विशालकाय पहाड़ दरक कर नीचे गिर गए। इस जानलेवा भूस्खलन के मलबे में कई घर और जिंदगियां दफन हो गईं, जिससे कई मासूम लोगों की मौत हो गई है।
स्थानीय जनता और पर्यावरणविदों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोग इसे विकास नहीं, बल्कि “मौत का सौदा” करार दे रहे हैं, जहाँ चंद रुपयों के मुनाफे के लिए इंसानी जिंदगियों और पर्यावरण को दांव पर लगा दिया गया।
