हरिद्वार के सुमन नगर में सिंचाई विभाग की भूमि पर बनी अवैध मजार को जिला प्रशासन ध्वस्तीकरण किया।
हरिद्वार : दिनांक 22 अप्रैल 2026 को हरिद्वार के सुमन नगर में सिंचाई विभाग की भूमि पर बनी अवैध मजार को प्रशासन ने आज से ध्वस्त कर दिया है, मजार को ध्वस्त करने से पहले अपना पक्ष रखने के लिए खादिमो सिचाई विभाग ने नोटिस जारी किए गए थे, परन्तु खादिमो के द्वारा मजार से संबंधित कोई वैध दस्तावेज विभाग को नही दिखा पाए जिस के बाद जिला प्रशासन द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्यवाही अमल में लायी गयी है ।
हरिद्वार जिला प्रशासन ने सुमन नगर में सिंचाई विभाग की जमीन पर बनाई गई अवैध मजार के विरुद्ध कारवाई करते हुए मजार पर बुलडोजरों चलाकर ध्वस्त कर दिया है। इससे करीब एक माह पूर्व खादिमो को नोटिस दिया था और खादिमों से भूमि और निर्माण संबंधी दस्तावेज दिखाने और खाली कराने के लिए कहा गया था मगर समय की मियाद पूरी के बाद आज सुबह अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया गया है।
इस दौरान मौके पर एसडीएम जितेंद्र कुमार , सिंचाई विभाग के अधिकारीगण और समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके।
सीएम धामी द्वारा उत्तराखंड में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने और अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए है, जिसके क्रम में प्रदेश भर अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही लगातार की जा रही है।
मजार ध्वस्तीकरण की कार्यवाही पर क्षेत्र वासियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा केवल विशेष समुदाय के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर ध्वस्त किया जा रहा है। जबकि सिंचाई विभाग की भूमि पर काफी तादाद में अवैध मंदिर व अन्य धार्मिक संरचनाए बनी हुई है। जिनके विरूद्ध जिला प्रशासन व सिचाई विभाग किसी प्रकार की कार्यवाही नही कर रहा है। किसी भी अवैध धार्मिक संरचना को ध्वस्त नही किया गया। बीते 3 वर्षो में केवल विशेष धर्म की धार्मिक संरचनाओ को ध्वस्त किया गया हैं।
अब सवाल ये खड़ा होता है कि अतिक्रमण कर बनाई गई अन्य धर्मों की अवैध धार्मिक संरचनाओ के विरुद्ध जिला प्रशासन और संबंधित विभाग ध्वस्तीकरण की कार्यवाही करता है या पूर्व की तरह धर्म विशेष की अवैध धार्मिक संरचनाओ के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्यवाही होती रहेगी।
