भ्रष्टाचार का खुला खेल: हरिद्वार में निरस्त GST फर्म पर लुटा सरकारी मलाई, VDO सस्पेंड, बड़ा घोटाला बेनकाब!
हरिद्वार। उत्तराखंड की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को ठेंगा दिखाते हुए हरिद्वार के बहादराबाद ब्लॉक में सरकारी धन की सरेआम बंदरबांट का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। विकास खंड बहादराबाद की ग्राम पंचायत भगतनपुर आबिदपुर में नियमों को पैरों तले कुचलकर जनता की गाढ़ी कमाई के लाखों रुपये एक ऐसी फर्म को सौंप दिए गए, जिसका अस्तित्व ही खत्म हो चुका था। इस महाघोटाले की गाज आखिरकार ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VDO) अजय कुमार पर गिरी है, जिन्हें जिला पंचायत राज अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
अंधेर नगरी चौपट राजा: जब कागजी भूतों को होने लगा लाखों का भुगतान
मामला सीधे-सीधे सरकारी खजाने पर डाका डालने का है। जिस सप्लायर फर्म का जीएसटी (GST) रजिस्ट्रेशन वाणिज्य कर विभाग ने साल 2022 में ही निरस्त (Cancel) कर दिया था, उस पर ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी मेहरबान बने रहे। बिना किसी ऑनलाइन वेरिफिकेशन और बिना किसी वित्तीय डर के, दिसंबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच महज दो महीनों के भीतर 19 फर्जी बिल तैयार किए गए और धड़ल्ले से ₹7,72,558 का भुगतान कर दिया गया। सवाल यह उठता है कि जब फर्म ही अमान्य थी, तो यह खेल किसकी शह पर चल रहा था?
मामला सीधे-सीधे सरकारी खजाने पर डाका डालने का है। जिस सप्लायर फर्म का जीएसटी (GST) रजिस्ट्रेशन वाणिज्य कर विभाग ने साल 2022 में ही निरस्त (Cancel) कर दिया था, उस पर ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी मेहरबान बने रहे। बिना किसी ऑनलाइन वेरिफिकेशन और बिना किसी वित्तीय डर के, दिसंबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच महज दो महीनों के भीतर 19 फर्जी बिल तैयार किए गए और धड़ल्ले से ₹7,72,558 का भुगतान कर दिया गया। सवाल यह उठता है कि जब फर्म ही अमान्य थी, तो यह खेल किसकी शह पर चल रहा था?
RTI से खुला राज, जांच बैठी तो उड़े होश
इस अंधी मलाई-बंटाई का पर्दाफाश तब हुआ जब आरटीआई (RTI) और जनशिकायतों के जरिए सच बाहर आया। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) हरिद्वार के आदेश पर हुई प्राथमिक जांच में जब फाइलें खंगाली गईं, तो भ्रष्टाचार की पूरी स्क्रिप्ट सामने आ गई। आरोपी VDO को अब लक्सर ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) भगवानपुर, कमल सिंह राणा को विस्तृत जांच सौंपी गई है। सूत्रों की मानें तो इस खेल में कई और बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
इस अंधी मलाई-बंटाई का पर्दाफाश तब हुआ जब आरटीआई (RTI) और जनशिकायतों के जरिए सच बाहर आया। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) हरिद्वार के आदेश पर हुई प्राथमिक जांच में जब फाइलें खंगाली गईं, तो भ्रष्टाचार की पूरी स्क्रिप्ट सामने आ गई। आरोपी VDO को अब लक्सर ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) भगवानपुर, कमल सिंह राणा को विस्तृत जांच सौंपी गई है। सूत्रों की मानें तो इस खेल में कई और बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
